Gita Darshan, Adhyaya 9-गीता-दर्शन, अध्याय नौ

Talk #9 from  गीता-दर्शन, अध्याय नौ – Gita Darshan, Adhyaya 9

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श्रीमद्भगवद्गीता पर ओशो के प्रवचन।
Gita Darshan, Adhyaya 9-गीता-दर्शन, अध्याय नौ
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विवरण

श्रीमद्भगवद्गीता पर ओशो के प्रवचन।

किसी को की हो श्रद्धा, और साथ ही भीतर मन का एक हिस्सा अश्रद्धा से न भरा रहा हो, असंभव है। चाहा हो किसी को, और साथ ही चाह से बचना भी न चाहा हो, ऐसा नहीं होगा। मन जब भी कुछ तय करता है, तो द्वंद्व में ही तय करता है; उसका विपरीत स्वर भी भीतर मौजूद होता है। जि

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Publisher Osho International
अवधि (मिनट) 80
Type एकल टॉक