Gita Darshan, Adhyaya 16-गीता-दर्शन, अध्याय सोलह
Talk #6 from गीता-दर्शन, अध्याय सोलह – Gita Darshan, Adhyaya 16
स्टॉक में
श्रीमद्भगवद्गीता पर ओशो के प्रवचन।
विवरण
श्रीमद्भगवद्गीता पर ओशो के प्रवचन।
जो हमें दिखाई पड़ता है, वह हमारी ही आंखों का फैलाव है, वह हमारी दृष्टि का ही फैलाव है। हमें वह नहीं दिखाई पड़ता जो है, बल्कि वही दिखाई पड़ता है जो हम हैं।
दैवी संपदा से भरे व्यक्ति को इस जगत में असुर कम और देवता ज्यादा दिखाई पड़ने लगते हैं। संत को बुरा आद
अधिक जानकारी
| Publisher | Osho International |
|---|---|
| अवधि (मिनट) | 89 |
| Type | एकल टॉक |
Please complete your information below to login.
Sign In or Create Account
Create New Account