Gita Darshan, Adhyaya 15-गीता-दर्शन, अध्याय पंद्रह

Talk #7 from  गीता-दर्शन, अध्याय पंद्रह – Gita Darshan, Adhyaya 15

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श्रीमद्भगवद्गीता पर ओशो के प्रवचन।
Gita Darshan, Adhyaya 15-गीता-दर्शन, अध्याय पंद्रह
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विवरण

श्रीमद्भगवद्गीता पर ओशो के प्रवचन।

और अगर गुरु-भाव भ्रांत हो, मिथ्या हो, सिर्फ खयाल हो, पैदा न हुआ हो, तो ज्यादा देर टिकेगा नहीं। उसका कोई बहुत मूल्य नहीं है। वह ऐसे ही है, जैसे फूल को किसी ने बीज के ऊपर रख दिया हो; बीज से निकला न हो।यदि गुरु-भाव वस्तुतः पैदा हुआ है, तो जीवन बदलना शुरू हो

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Publisher Osho International
अवधि (मिनट) 95
Type एकल टॉक